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मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्वत (2026) | MP Geography GK Notes in Hindi

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्वत: सतपुड़ा, विंध्याचल, मैकाल श्रेणी, धूपगढ़ (1350m) और सद्भावना शिखर की सम्पूर्ण जानकारी। MPPSC और Vyapam 2026 के लिए विशेष
मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्वत (विस्तृत नोट्स) | MP Geography for MPPSC & Vyapam 2026

मध्य प्रदेश की पर्वत श्रृंखलाएँ: विस्तृत भौगोलिक विवरण

मध्य प्रदेश भारत के हृदय स्थल में स्थित है, जिसकी भौगोलिक पहचान यहाँ की प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं से है। मुख्य रूप से यहाँ दो विशाल पर्वत प्रणालियाँ हैं: विंध्याचल और सतपुड़ा। इन श्रेणियों का न केवल ऐतिहासिक महत्व है, बल्कि ये प्रदेश की जलवायु, नदी तंत्र और खनिज संपदा को भी निर्धारित करती हैं।

1. विंध्याचल पर्वत श्रृंखला (Vindhyachal Mountain Range)

यह विश्व की सबसे पुरानी अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountain) श्रेणियों में से एक है। यह नर्मदा नदी के समानांतर उत्तर में स्थित है और उत्तर भारत को दक्षिण भारत से अलग करती है।

भूगर्भीय संरचना:

इस श्रेणी का निर्माण क्वार्टजाइट और बालू पत्थरों (Sandstone) से हुआ है। यह मुख्य रूप से पूर्व से पश्चिम की ओर विस्तृत है।

उप-श्रेणियाँ (Sub-Ranges):

  • विंध्याचल श्रेणी: इसका पश्चिमी भाग मालवा के पठार के दक्षिण में स्थित है।
  • भांडेर श्रेणी: विंध्याचल का मध्य विस्तार जो छतरपुर, दमोह और पन्ना जिलों में फैला है।
  • कैमूर श्रेणी: विंध्याचल का सबसे पूर्वी भाग। यह यमुना और सोन नदी के बीच जल विभाजक (Water Divide) का कार्य करती है। यह कटनी, सतना और सीधी तक फैली है।
सद्भावना शिखर (Goodwill Peak): विंध्याचल पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है, जिसकी ऊँचाई 752 मीटर है। यह दमोह जिले के सिंग्रामपुर में स्थित है। इसे कलुमार या कालुम्बे शिखर भी कहा जाता है।

2. सतपुड़ा-मैकाल श्रेणी (Satpura-Maikal Range)

सतपुड़ा एक ब्लॉक पर्वत (Block Mountain) है, जो नर्मदा और ताप्ती नदियों के भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) के बीच स्थित है। यह प्रदेश के दक्षिण में लगभग 1120 किमी की लंबाई में फैला है।

क्षेत्रीय विभाजन:

सतपुड़ा को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है:

  1. राजपीपला श्रेणी (पश्चिमी भाग): यह गुजरात से लेकर बुरहानपुर दर्रे तक विस्तृत है। इसमें बड़वानी, असीरगढ़ और बीजागढ़ की पहाड़ियाँ आती हैं।
  2. महादेव श्रेणी (मध्य भाग): यह खंड छिंदवाड़ा, सिवनी और नर्मदापुरम में फैला है। मध्य प्रदेश की सर्वोच्च चोटी धूपगढ़ (1350 मीटर) इसी श्रेणी का हिस्सा है।
  3. मैकाल श्रेणी (पूर्वी भाग): इसका आकार अर्ध-चंद्राकार है। यह अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में स्थित है। यहीं पर अमरकंटक स्थित है।
[यहाँ मैप की इमेज लगाएं]
(मध्य प्रदेश का भौतिक मानचित्र: सतपुड़ा और विंध्याचल का विस्तार)

3. अन्य महत्वपूर्ण पहाड़ियाँ और चोटियाँ

विभिन्न पठारों में स्थित कुछ ऐसी पहाड़ियाँ जो परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती हैं:

मालवा का पठार:

  • सिगार (Sigar): 881 मीटर (मालवा की सबसे ऊँची चोटी)।
  • जानापाव (Janapav): 854 मीटर (चंबल नदी का उद्गम)।
  • धजारी: 810 मीटर।

बुंदेलखंड का पठार:

  • सिद्ध बाबा की चोटी: 1172 मीटर (बुंदेलखंड की सर्वोच्च चोटी)।

ग्वालियर एवं उत्तरी क्षेत्र:

  • गोपांचल पर्वत: ग्वालियर का किला इसी पर स्थित है।
  • त्रिकुटा पर्वत: मैहर जिला (माँ शारदा मंदिर)।

विंध्याचल vs सतपुड़ा: एक नज़र में

विशेषता विंध्याचल श्रेणी सतपुड़ा श्रेणी
प्रकार अवशिष्ट पर्वत (Old Fold/Residual) ब्लॉक पर्वत (Block Mountain)
नर्मदा के सापेक्ष स्थिति नर्मदा के उत्तर में नर्मदा के दक्षिण में
सर्वोच्च चोटी सद्भावना शिखर (752 मी.) धूपगढ़ (1350 मी.)
चट्टानें बालू पत्थर, क्वार्टजाइट बेसाल्ट और ग्रेनाइट
नदियाँ केन, बेतवा, चंबल, कालीसिंध नर्मदा, ताप्ती, वेनगंगा, वर्धा

MPPSC & Vyapam: महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners)

  • धूपगढ़ को "सतपुड़ा की रानी" (पचमढ़ी) के ताज के रूप में जाना जाता है।
  • कैमूर श्रेणी सोन नदी और यमुना नदी के बीच जल विभाजक का कार्य करती है।
  • लम्हेटा हिल्स जबलपुर में नर्मदा नदी के तट पर स्थित हैं।
  • मैकाल श्रेणी से नर्मदा, सोन और जोहिला नदियों का उद्गम होता है।
  • असीरगढ़ पहाड़ी को "दक्षिण का प्रवेश द्वार" कहा जाता है।

निष्कर्ष: मध्य प्रदेश की पर्वत श्रेणियाँ न केवल यहाँ के भूगोल को परिभाषित करती हैं, बल्कि यहाँ की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान का आधार भी हैं। यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इन श्रेणियों के क्षेत्रीय नाम और उनकी चोटियों की ऊँचाई को क्रमवार याद करना लाभदायक होगा।

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Content Updated: May 2026
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