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मध्य प्रदेश के 55 ज़िले और 10 संभाग: पूरी सूची व गठन (2026)

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अगर आप MPPSC, MP पुलिस, पटवारी या ESB की किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो मध्य प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा समझना सबसे पहला कदम है।

क्षेत्रफल के हिसाब से मध्य प्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है और इसे "भारत का हृदय प्रदेश" कहा जाता है। राज्य को 10 प्रशासनिक संभागों और 55 ज़िलों में बाँटा गया है। साल 2023 में 3 नए ज़िले बनने के बाद का यह सबसे ताज़ा और संपूर्ण विवरण है।

1. भोपाल संभाग (कुल 5 ज़िले)
📍 ज़िले: भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर
भोपाल झीलों की नगरी। यहाँ वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, कला केंद्र 'भारत भवन', राजा भोज का बड़ा तालाब और विशाल ताज-उल-मस्जिद स्थित है।
रायसेन साँची का बौद्ध स्तूप (UNESCO 1989), भीमबेटका की गुफाएँ (UNESCO 2003), भोजपुर का विशाल भोजेश्वर शिव मंदिर और रायसेन दुर्ग (बादल महल, इत्रदार महल)।
विदिशा प्राचीन बेसनगर। गुप्तकालीन उदयगिरि की 20 गुफाएँ (भगवान वराह की विशाल प्रतिमा) और शुंग काल का हेलियोडोरस स्तंभ (गरुड़ ध्वज / खाम बाबा)।
सीहोर सलकनपुर विजयासन माता धाम। 1857 की क्रांति के महानायक और मालवा के मंगल पांडे कहे जाने वाले अमर शहीद कुंवर चैन सिंह की ऐतिहासिक समाधि/छतरी।
राजगढ़ ब्यावरा शहर को 'म.प्र. का चौराहा' कहते हैं। नरसिंहगढ़ अभयारण्य की 'चिड़ीखो झील' को मालवा का कश्मीर कहा जाता है। पृथक मानव विकास रिपोर्ट (HDR) पेश करने वाला पहला ज़िला।
2. चंबल संभाग (कुल 3 ज़िले)
📍 मुख्यालय: मुरैना | ज़िले: मुरैना, भिंड, श्योपुर
मुरैना ऐतिहासिक बटेश्वर मंदिर समूह, मितावली का चौसठ योगिनी मंदिर, ककनमठ शिव मंदिर और नूराबाद का पुल। सरसों व प्रसिद्ध मुरैना गजक उत्पादन का प्रमुख केंद्र।
श्योपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) चीतों के पुनर्वास (Project Cheetah) के लिए विश्व प्रसिद्ध। पारंपरिक काष्ठ कला (लकड़ी की नक्काशी) का केंद्र।
भिंड प्रदेश में सबसे कम लिंगानुपात (837 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष)। राजा महासिंह द्वारा बनवाया गया ऐतिहासिक गोहद का किला (UNESCO संरक्षित) और अटेर दुर्ग। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र।
3. ग्वालियर संभाग (कुल 5 ज़िले)
📍 ज़िले: ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर
ग्वालियर ग्वालियर दुर्ग ("जिब्राल्टर ऑफ इंडिया", मानमंदिर, गुजरी महल, सास-बहू मंदिर)। भव्य जयविलास पैलेस, संगीत सम्राट तानसेन का मकबरा और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की समाधि।
दतिया माँ पीतांबरा सिद्ध पीठ। बिना सीमेंट-गारे के बना 7 मंजिला भव्य वीर सिंह देव महल (शतखंडा महल)। गुर्जरा अभिलेख में अशोक का नाम 'देवनांप्रिय प्रियदस्सी' मिलता है।
शिवपुरी प्रदेश की पहली पर्यटन नगरी। माधव राष्ट्रीय उद्यान (जॉर्ज कैसल भवन, सांख्य सागर झील)। 1857 के अमर स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे की समाधि।
अशोकनगर चंदेरी कस्बा हाथ से बुनी चंदेरी साड़ियों (GI टैग) के लिए विश्व प्रसिद्ध। चंदेरी के किले में ऐतिहासिक जौहर कुंड, हवा महल, बादल महल और नौखंडा महल स्थित हैं।
गुना मालवा और चंबल का प्रवेश द्वार। प्रसिद्ध बजरंगगढ़ का किला (झारकोन दुर्ग) और पहाड़ी पर स्थित टेकरी सरकार हनुमान मंदिर।
4. इंदौर संभाग (कुल 8 ज़िले)
📍 ज़िले: इंदौर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, झाबुआ, अलीराजपुर
इंदौर व्यावसायिक राजधानी और देश का सबसे स्वच्छ शहर। सात मंजिला राजवाड़ा, लाल बाग पैलेस और काँच मंदिर। IIT और IIM दोनों राष्ट्रीय संस्थानों वाला एकमात्र शहर।
धार मांडू (आनंद नगरी / City of Joy): जहाज़ महल, हिंडोला महल, होशंगशाह का संगमरमर मकबरा, रानी रूपमती मंडप। बाग की बौद्ध गुफाएँ और डायनासोर जीवाश्म पार्क।
खरगोन पश्चिमी निमाड़। महेश्वर (देवी अहिल्याबाई की राजधानी, माहेश्वरी साड़ियाँ - GI टैग)। रावेरखेड़ी में पेशवा बाजीराव प्रथम की समाधि। बेड़छिया में प्रदेश की पहली मिर्च मंडी।
खंडवा पूर्वी निमाड़। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (मांधाता द्वीप, 108 फीट 'स्टैच्यू ऑफ वननेस')। पुनासा में राज्य का सबसे बड़ा इंदिरा सागर बाँध। प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार की समाधि।
बुरहानपुर "दक्खन का दरवाज़ा"। असीरगढ़ का किला, मुमताज की पहली कब्र (आहूखाना), खूनी भंडारा और नेपानगर में भारत का पहला सरकारी अखबारी कागज़ कारखाना।
बड़वानी जैन तीर्थ बावनगजा (भगवान ऋषभदेव की 84 फीट ऊँची पाषाण प्रतिमा)। केंद्रीय कपास अनुसंधान केंद्र और प्रदेश का तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र।
झाबुआ भील जनजाति की संस्कृति, पारंपरिक 'भगोरिया हाट', औषधीय गुणों वाला कड़कनाथ मुर्गा (GI टैग) और पारंपरिक आदिवासी गुड़िया शिल्प।
अलीराजपुर चंद्रशेखर आज़ाद की जन्मस्थली भाभरा (आज़ाद नगर)। न्यूनतम साक्षरता (36.1%)। दुर्लभ 'नूरजहाँ' आम और भील-भिलाला 'पिथोरा चित्रकला'।
5. जबलपुर संभाग (कुल 9 ज़िले - सबसे बड़ा संभाग)
📍 ज़िले: जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी
जबलपुर संस्कारधानी व न्यायिक राजधानी (हाईकोर्ट)। भेड़ाघाट की संगमरमर चट्टानें, धुआँधार जलप्रपात, मदन महल, रानी दुर्गावती समाधि (बरेला), 64 योगिनी मंदिर।
कटनी "चूना नगरी"। कर्नल स्लीमन द्वारा ठगी प्रथा दमन से जुड़ा स्लीमनाबाद क्षेत्र और विजयराघवगढ़ का ऐतिहासिक किला।
नरसिंहपुर गाडरवारा की प्रसिद्ध तुअर दाल व उत्तम गुड़। मकर संक्रांति पर नर्मदा तट पर लगने वाला 13 दिवसीय ऐतिहासिक 'बरमान का मेला'।
मंडला व बालाघाट कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (प्रदेश का पहला टाइगर रिजर्व, शुभंकर 'भूरसिंह द बारहसिंगा') इन्हीं दोनों ज़िलों में फैला है।
बालाघाट ताँबा नगरी (मलाजखंड) और मैंगनीज (भरवेली)। सर्वाधिक लिंगानुपात (1021) व सर्वाधिक वन क्षेत्र। चिन्नौर चावल (GI टैग)।
छिंदवाड़ा पातालकोट की 3000 फीट गहरी घाटी (भारिया जनजाति का आवास)। देश का पहला 'कॉर्न सिटी' (मक्का शहर)।
पांढुर्ना छिंदवाड़ा से अलग होकर 2023 में बना नया ज़िला। संतरा उत्पादन और जाम नदी तट पर पत्थरों से लड़ा जाने वाला ऐतिहासिक 'गोटमार मेला'।
सिवनी पेंच राष्ट्रीय उद्यान (द जंगल बुक - मोगली लैंड)। वैनगंगा नदी पर बना एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बाँध (भीमगढ़ संजय सरोवर)।
डिंडोरी बैगा व गोंड चित्रकला (GI टैग)। करोड़ों वर्ष पुराने पौधों व लकड़ियों के अवशेषों वाला 'घुघवा राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान'।
6. रीवा संभाग (कुल 6 ज़िले)
📍 ज़िले: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर
रीवा सफेद बाघों की भूमि (मुकुंदपुर सफारी)। बहुती जलप्रपात (198 मीटर - प्रदेश का सबसे ऊँचा) व चचाई जलप्रपात। सुंदरजा आम (GI टैग)।
सतना मंदाकिनी तट पर चित्रकूट धाम (कामदगिरि, गुप्त गोदावरी)। सीमेंट उद्योग का केंद्र और शुंग कालीन भरहुत स्तूप।
मैहर त्रिकूट पर्वत पर माँ शारदा धाम। उस्ताद अलाउद्दीन खाँ की कर्मस्थली व संगीत घराने के कारण 'संगीत नगरी' (2023 में सतना से अलग)।
सिंगरौली आधिकारिक "ऊर्जा राजधानी" (मुख्यालय: बेढ़न)। कोयले की मोटी परतें, विशाल ताप विद्युत संयंत्र और शैलकृत माड़ा की गुफाएँ।
सीधी संजय-डुबरी राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व। बीरबल (महेश दास) की जन्मस्थली (घोघरा गाँव) और चंडी देवी मेला।
मऊगंज 15 अगस्त 2023 को रीवा से अलग होकर बना 53वाँ ज़िला। यहाँ का ऐतिहासिक देवतालाब शिव मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है।
7. सागर संभाग (कुल 6 ज़िले)
📍 ज़िले: सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, निवाड़ी
सागर डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय (1946)। एरण अभिलेख (510 ई. - सती प्रथा का पहला साक्ष्य) और बीना रिफाइनरी।
छतरपुर चंदेल कालीन खजुराहो मंदिर समूह (UNESCO 1986)। केन नदी पर रंगीन ग्रेनाइट घाटी वाला रनेह जलप्रपात।
पन्ना देश की इकलौती सक्रिय हीरा खदान (मझगवाँ)। पन्ना टाइगर रिजर्व और प्रणामी संप्रदाय का प्राणनाथ मंदिर।
निवाड़ी क्षेत्रफल व जनसंख्या में सबसे छोटा ज़िला (2018 में अलग)। ओरछा धाम (रामराजा सरकार मंदिर, जहाँगीर महल, बेतवा तट)।
दमोह रानी दुर्गावती अभयारण्य (वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व)। कुंडलपुर में जैन तीर्थंकर बड़े बाबा का भव्य मंदिर।
टीकमगढ़ बुंदेलखंडी संस्कृति, पीतल उद्योग और जमुडार नदी तट पर कुंडेश्वर महादेव मंदिर।
8. शहडोल संभाग (कुल 3 ज़िले - सबसे छोटा संभाग)
📍 ज़िले: शहडोल, उमरिया, अनूपपुर
अनूपपुर अमरकंटक (नर्मदा, सोन, जोहिला उद्गम स्थल)। कपिलधारा व दुग्धधारा जलप्रपात। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय।
उमरिया बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान (बाघों का सर्वाधिक घनत्व, 2000 वर्ष पुराना किला, शेष शैय्या)। संजय गांधी ताप विद्युत गृह (मंगठार)।
शहडोल सुहागपुर कोयला क्षेत्र (प्रदेश का सबसे बड़ा)। सोन नदी पर म.प्र., यू.पी. और बिहार का संयुक्त बाणसागर बाँध।
9. उज्जैन संभाग (कुल 7 ज़िले)
📍 ज़िले: उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, देवास, शाजापुर, आगर मालवा
उज्जैन दक्षिणमुखी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाकाल लोक), क्षिप्रा तट पर सिंहस्थ कुंभ, काल भैरव और जंतर मंतर वेधशाला।
मंदसौर शिवना तट पर अष्टमुखी पशुपतिनाथ मंदिर। अफीम उत्पादन और चंबल पर बना गांधी सागर बाँध (प्रथम जलविद्युत परियोजना)।
नीमच CRPF की जन्मस्थली (1939)। 1857 क्रांति की म.प्र. में पहली शुरुआत (3 जून)। केंद्रीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना।
रतलाम रतलामी सेव (GI टैग) और आभूषण बाजार। सैलाना अभयारण्य (दुर्लभ खरमोर पक्षी संरक्षण) और कैक्टस गार्डन।
देवास माँ चामुंडा व तुलजा भवानी टेकरी। भारत सरकार की बैंक नोट प्रेस (BNP) और जामगोदराली पवन ऊर्जा संयंत्र।
आगर मालवा सुसनेर में देश का पहला 'कामधेनु गौ-अभयारण्य'। नलखेड़ा में लखुंदर नदी तट पर प्रसिद्ध माँ बगलामुखी तांत्रिक पीठ।
शाजापुर चिल्लर नदी किनारे शाहजहाँ के नाम पर स्थापित। प्रसिद्ध कवि बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की जन्मस्थली।
10. नर्मदापुरम संभाग (कुल 3 ज़िले)
📍 पूर्व नाम: होशंगाबाद | ज़िले: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा
नर्मदापुरम हिल स्टेशन पचमढ़ी, प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ (1350 मीटर), सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, तवा बाँध, सिक्योरिटी पेपर मिल (SPM)।
बैतूल मुलताई से ताप्ती नदी का उद्गम। सारणी ताप विद्युत गृह। कूकडू कॉफी बागान और 1930 का घोड़ाडोंगरी जंगल सत्याग्रह।
हरदा भू-अभिलेखों के पूर्ण कंप्यूटरीकरण का प्रथम सफल पायलट ज़िला। गोंड राजाओं का मकड़ाई किला और कान्हा बाबा का मेला (सोडलपुर)।

📊 नए ज़िलों के गठन का कालक्रम (2000 से अब तक)

वर्ष नया ज़िला मूल ज़िला संभाग
2003 बुरहानपुर, अनूपपुर, अशोकनगर खंडवा, शहडोल, गुना इंदौर, शहडोल, ग्वालियर
2008 अलीराजपुर (48वाँ), सिंगरौली (49वाँ) झाबुआ, सीधी इंदौर, रीवा
2013 आगर मालवा (51वाँ) शाजापुर उज्जैन
2018 निवाड़ी (52वाँ) टीकमगढ़ सागर
2023 मऊगंज (53वाँ), पांढुर्ना (54वाँ), मैहर (55वाँ) रीवा, छिंदवाड़ा, सतना रीवा, जबलपुर, रीवा

⚡ 10 संभाग याद रखने का आसान सूत्र

"भो - चं - ग्वा - इं - ज - री - सा - श - उ - न"

(भोपाल, चंबल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल, उज्जैन, नर्मदापुरम)

🎯 Quick Revision: परीक्षा के लिए 5 सीधे तथ्य

  • क्षेत्रफल में सबसे बड़ा संभाग: जबलपुर
  • क्षेत्रफल में सबसे छोटा संभाग: शहडोल
  • सर्वाधिक ज़िलों वाला संभाग: जबलपुर (9 ज़िले)
  • न्यूनतम ज़िलों वाले संभाग: चंबल, नर्मदापुरम, शहडोल (प्रत्येक में 3-3 ज़िले)
  • सबसे नए 3 ज़िले (2023): 53वाँ मऊगंज, 54वाँ पांढुर्ना, 55वाँ मैहर