MP GK 2026: मध्य प्रदेश के प्रमुख लोक नाट्य (Folk Drama of MP) | क्षेत्रवार व जनजातीय विवरण, MCQ एवं Revision Notes
MP GK 2026: मध्य प्रदेश के प्रमुख लोक नाट्य (Folk Drama of MP) | क्षेत्रवार व जनजातीय विवरण, MCQ एवं Revision Notes
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मध्य प्रदेश की लोक संस्कृति और जनजातीय कला परंपराएँ अत्यंत समृद्ध हैं। MPPSC (Unit 1 - MP Art & Culture एवं Unit 10 - Tribal Heritage), MP Police, MP SI, MP ESB / Vyapam की आगामी 2026 परीक्षाओं के दृष्टिकोण से मध्य प्रदेश के लोक नाट्य (Folk Theatre / Drama) एक अत्यधिक महत्वपूर्ण विषय है।
आज के इस अपडेटेड लेख में हम मध्य प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक अंचलों (मालवा, बुंदेलखंड, निमाड़, बघेलखंड) और विशेष जनजातीय लोक नाट्यों का नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुसार संपूर्ण अध्ययन करेंगे ।
मध्य प्रदेश के लोक नाट्यों का क्षेत्रवार एवं जनजातीय वर्गीकरण
मध्य प्रदेश के लोक नाट्यों को उनकी सांस्कृतिक और जनजातीय विविधता के आधार पर विभाजित किया गया है:
1. मालवा अंचल के लोक नाट्य
- मांच / मंच (Maanch): यह मालवा का सर्वप्रमुख लोक नाट्य है और इसे मध्य प्रदेश का राजकीय लोक नाट्य माना जाता है। इसका उद्भव और मुख्य केंद्र उज्जैन है। खुले मंच पर ढोलक और सारंगी की संगत के साथ पौराणिक, ऐतिहासिक व सामाजिक प्रसंगों का नाटकीय मंचन किया जाता है। इसके जनक सिद्धेश्वर सेन एवं बाबा बालमुकुंद माने जाते हैं।
- भवाई (Bhavai): मालवा-राजस्थान सीमावर्ती क्षेत्र और भील जनजातीय क्षेत्र में प्रस्तुत किया जाने वाला तीव्र शारीरिक संतुलन और अभिनय आधारित नृत्य-नाट्य है।
2. बुंदेलखंड अंचल के लोक नाट्य
- स्वांग (Swang): बुंदेलखंड का प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य प्रधान लोक नाट्य है। यह मुख्यतः 'राई' नृत्य के अंतराल (बीच-बीच) में सामाजिक कुरीतियों और समसामयिक मुद्दों पर कटाक्ष करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
- लक्कड़ बग्घा व रास: बुंदेलखंड क्षेत्र में ग्रामीण परिवेश में पशु-मानव संबंधों एवं धार्मिक प्रसंगों पर आधारित लोक अभिनय।
3. निमाड़ अंचल के लोक नाट्य
- गम्मत (Gammat): निमाड़ अंचल का प्रमुख लोक नाट्य जो चैत्र नवरात्रि, गणगौर और होली के अवसरों पर खुले मैदानों में खेला जाता है। इसमें 'मृदंग' और 'झांझ' मुख्य वाद्ययंत्र होते हैं तथा इसका मुख्य उद्देश्य हास्य-व्यंग्य के साथ सामाजिक संदेश देना है।
- काठी नाट्य व रासलीला: निमाड़ में देवउठनी एकादशी से महाशिवरात्रि तक चलने वाले काठी पर्व के दौरान अनुष्ठानिक नाट्य शैली का प्रदर्शन किया जाता है।
4. बघेलखंड अंचल के लोक नाट्य
- छाहुर (Chhahur): बघेलखंड में अहीर, तेली व अन्य कृषक समुदायों द्वारा दीपावली के शुभ अवसर पर खेला जाने वाला पारंपरिक लोक नाट्य।
- हिंगोला (Hingola): बघेलखंड की एक अनौपचारिक, सरस और हास्य-विनोद से भरपूर मौखिक नाट्य परंपरा।
- मनसुखा व रास (Mansukha): कृष्ण लीलाओं पर आधारित बघेलखंड का प्रसिद्ध हास्य-नाट्य, जिसमें मनसुखा का पात्र प्रमुख होता है।
5. प्रमुख जनजातीय लोक नाट्य (Tribal Folk Drama - MPPSC Special)
- खम्ब स्वांग (Khamb Swang): यह **कोरकू जनजाति** द्वारा क्वार नवरात्रि से देवप्रबोधिनी एकादशी तक 'मेघनाद खंभ' (बाँस का खंभा) के चारों ओर किया जाने वाला अति-महत्वपूर्ण अनुष्ठानिक लोक नाट्य है।
- गौरी / गवरी नाट्य (Gauri / Gavari): यह **भील जनजाति** का पौराणिक लोक नाट्य है, जो भगवान शिव और पार्वती (गौरी) की कथाओं पर आधारित होता है।
Quick Revision Table: MP Folk Drama At A Glance (2026)
| अंचल / जनजाति | प्रमुख लोक नाट्य | मुख्य केंद्र / वाद्ययंत्र / विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| मालवा | मांच (राजकीय लोक नाट्य), भवाई | उज्जैन केंद्र, ढोलक व सारंगी, सिद्धेश्वर सेन प्रसिद्ध कलाकार |
| बुंदेलखंड | स्वांग, लक्कड़ बग्घा | राई नृत्य के बीच हास्य-व्यंग्य प्रहसन |
| निमाड़ | गम्मत, काठी नाट्य | मृदंग व झांझ वाद्य, गणगौर व नवरात्रि पर्व |
| बघेलखंड | छाहुर, मनसुखा, हिंगोला | दीपावली अवसर, कृष्ण-लीला आधारित हास्य अभिनय |
| कोरकू जनजाति | खम्ब स्वांग | मेघनाद खंभ पूजा, क्वार नवरात्रि से देवउठनी एकादशी |
| भील जनजाति | गौरी (गवरी) नाट्य, भवाई | शिव-पार्वती भक्ति कथाएँ, जनजातीय नाट्य परंपरा |
MP GK Practice Quiz: महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
Q1. मध्य प्रदेश का "राजकीय लोक नाट्य" मांच मुख्य रूप से किस अंचल से संबंधित है?
(A) बुंदेलखंड
(B) निमाड़
(C) मालवा
(D) बघेलखंड
उत्तर: (C) मालवा (प्रमुख केंद्र: उज्जैन)
Q2. 'खम्ब स्वांग' लोक नाट्य किस जनजाति द्वारा मेघनाद के सम्मान में प्रस्तुत किया जाता है?
(A) गोंड जनजाति
(B) कोरकू जनजाति
(C) बैगा जनजाति
(D) भील जनजाति
उत्तर: (B) कोरकू जनजाति
Q3. बुंदेलखंड में प्रसिद्ध 'स्वांग' लोक नाट्य सामान्यतः किस लोक नृत्य के बीच-बीच में किया जाता है?
(A) बधाई नृत्य
(B) जवारा नृत्य
(C) राई नृत्य
(D) नौरता नृत्य
उत्तर: (C) राई नृत्य
Q4. 'गम्मत' लोक नाट्य का संबंध मध्य प्रदेश के किस सांस्कृतिक अंचल से है?
(A) निमाड़
(B) बघेलखंड
(C) मालवा
(D) चंबल
उत्तर: (A) निमाड़
Q5. 'मनसुखा' और 'छाहुर' लोक नाट्य मध्य प्रदेश के किस क्षेत्र की प्रमुख पहचान हैं?
(A) मालवा
(B) बघेलखंड
(C) बुंदेलखंड
(D) निमाड़
उत्तर: (B) बघेलखंड
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Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1: मांच (Maanch) लोक नाट्य के प्रमुख गुरु / कलाकार कौन माने जाते हैं?
उत्तर: उज्जैन के गुरु बालमुकुंद और सिद्धेश्वर सेन को मांच लोक नाट्य का महान साधक एवं प्रमुख कलाकार माना जाता है।
Q2: MPPSC 2026 के नए सिलेबस के अनुसार जनजातीय लोक नाट्य क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: MPPSC Prelims के नए सिलेबस में जनजातीय संस्कृति (Unit 10) को अलग से शामिल किया गया है। इसीलिए कोरकू जनजाति का 'खम्ब स्वांग' और भील जनजाति का 'गौरी नाट्य' परीक्षा की दृष्टि से सर्वाधिक पूछे जाने वाले विषय बन गए हैं।
Q3: 'स्वांग' और 'गम्मत' में क्या मुख्य अंतर है?
उत्तर: 'स्वांग' बुंदेलखंड अंचल का हास्य प्रहसन नाट्य है जो राई नृत्य के बीच में होता है, जबकि 'गम्मत' निमाड़ अंचल का स्वतंत्र रूप से खेला जाने वाला सामाजिक व्यंग्य नाट्य है।
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